फूलों ने कहा स्वागतम स्वागतम। नव वर्ष 2023 का स्वागत है। चारों दिशाओं में प्रसन्नता की है चमक, खिली खिली सी। हर ओर है चल रही मन में त्योहारों की लड़ी। खिल रही है खुल रही है चहक रही है हर फूल की पंखुरी। नव वर्ष है आया संग अपने नवीनता उमंग उल्लास और आगे बढ़ने की लालसा लाया। हर एक प्राणी जीवन के उत्सव को जीना चाहता है स्वरणाक्षर में अपने कर्मों को लिखकर अद्भुत माया बटोरते हुए।यह नव वर्ष आया है नए इरादों, विश्वास और रोमांच से दिलों के हर कोनों को छूते हुए। नव वर्ष पुष्पों से खिला हो वह कहीं लाल, कहीं पीला हो। मैं आज चकित हूँ देखकर ये दृश्य मनोरम। जहां फूलों की ही गूंज है हर तरफ से फूल दे रहे हैं कुछ प्यारी प्यारी बातें कहकर हमारे दिल के दरवाजों पर दस्तक। अरे देखो यहाँ लाल गुलाब कहीं हैं बड़े कहीं हैं छोटे दे रहे हैं हमें खुशी और मस्ती के न्योते। अरे यहाँ ये डालिया और गुलदाउदी तो लग रहे हैं अद्भुत। इन की छटा को देखकर तो मैं अब शायद खो दूँ अपनी सुध। सफेद कमल और पॉपी, कहीं गेंदे और बगनबिलास। अब आपको कहीं नहीं जाना है, खत्म हुई आपकी आलोकीक सुंदरता की जीवित छवि देखने की तलाश। ये फूल खिलखिल कर कैसे मंद मंद बयारों के साथ रहें हैं झूम। मेरे दिल में तो आज खुशी की बारात सजी है वो मचा रहा है धूम। फूलों और फिज़ाओं का उमंग तो देखते बनता है हर फूल मुस्कुरा कर हँसकर गाकर कुछ कहता है। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दे रहे हैं उद्यान के तेजस्वी कलाकार ये सारे। इन्हे देख झूम रहे हैं बच्चे भी प्यारे प्यारे। इन फूलों को देखकर डूबते दिलों को मिल जाता है उत्साह और आशाओं रूपी कश्ती जिसके सहारे ये पार करते हैं समुद्र की गहराइयाँ और छू पाते हैं आसमान की उचाइयाँ। फूलों से ज्यादा सुंदर तो कुछ नहीं है कहीं भी विश्व में सारे। फूलों को देख दिल तो डोल डोल जाता है। बिना फूलों की मुस्कुराहट के नव वर्ष के स्वागत का पूरा मज़ा नहीं आता है। फूल तो भगवान की अद्भुत कल्पना का अनोखा उदाहरण है। ये जीवन के प्राकृतिक अलंकार हैं और भगवान की तरफ से मानव के लिये ये प्यार ही प्यार हैं। मैं थी सोच में तभी एक गुलाब ने मुझे किया इशारा,बधाई हो नव वर्ष की। मैंने कहा बहुत बहुत बधाई तुम्हें भी।
No comments:
Post a Comment